शारीरिक स्पर्श के ज़रिये लोग ना सिर्फ़ एक दूसरे के करीब आते हैं बल्कि भरोसा भी करने लगते हैं। शोधकर्ताओं की माने तो लोगों को जोड़ने और रिश्तों को मज़बूत रखने में यह एक गोंद का काम करता है।
कहने का मतलब यह कि स्पर्श का सीधा सम्बन्ध अंतरंगता से है। शायद इसलिए आप को कोई राह चलता छूने की कोशिश करे तो आप को झुंझलाहट होती है और इससे आपका गुस्सा भी बहुत आता है। वहीँ अगर वो स्पर्श किसी दोस्त या प्रेमी का हो तो वो आपको ना सिर्फ़ अच्छा लगता है बल्कि उससे सुकून भी मिलता है।

शारीरिक प्रतिक्रियाएँ
किसी के छूने से आपके शरीर के अंदर कुछ बदलाव भी होते हैं, जैसे आपका रक्तचाप बढ़ जाता है और त्वचा में भी प्रवाहकत्त्व बढ़ जाता हैI तभी तो लोग इस बात के प्रति हमेशा सचेत रहते हैं कि लोग उनको कैसे और कहाँ स्पर्श कर रहे हैंI
निस्संदेह हम यहाँ मानव स्पर्श की बात कर रहे हैं I क्या यह बात तब भी लागू होती है जब हम किसी और को छूने की बात कर रहें हो, जैसे एक रोबोट की? आप सोच रहे होंगे कि क्या बकवास है, लेकिन अमरीकी शोधकर्ताओं की एक टीम के ख्यालात शायद आपसे मेल ना खायेI पूर्व में की गयी एक रिसर्च से पता चला था कि रोबोट को स्पर्श करने से भी मनुष्य के शरीर में कुछ प्रतिक्रियाएं होती हैंI उसे ध्यान में रखते हुए यह लोग इस खोज में लग गए कि स्पर्श से सम्बंधित जो सिद्धांत मनुष्यों में पाये जाते हैं क्या वही मनुष्यों और रोबोट के बीच भी लागू होंगे?
कामुक?
शोधकर्ताओं को ऐसे 10 विद्यार्थी मिल गए जो वैज्ञानिक प्रयोग के लिए एक रोबोट के जननांगो को छूने के लिए तैयार थेI यहाँ जिस रोबोट की हम बात कर रहे हैं वो कोई सेक्सी सी दिखने वाली डॉल (गुड़िया) नहीं थी I हाँ, उसकी बनावट ज़रूर मानवीय थी, पर वो प्लास्टिक का था और केवल 23 इंच लम्बा थाI देखा जाए तो किसी भी लिहाज से आप उसे वास्तविक मनुष्य तो नहीं कह सकते! रोबोट को कुछ इस तरीके से योजनाबद्ध किया गया था कि वो विद्यार्थियों को अपने शरीर के 13 अंगो को छूने या उनकी और संकेत करने का निर्देश देगा और इज़ अंगो में उसके हाथों से लेकर जननांग, सब शामिल थेI (इस प्रयोग का वीडियो आप यहाँ देख सकते हैं)
जहाँ विद्यार्थी एक हाथ से रोबोट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कर रहे थे वहीँ उनके दूसरे हाथ पर लगा संवेदक उनके अंदर हो रही शारीरिक कामोत्तेजक्ता को दर्ज कर रहा थाI और यह भी कि विद्यार्थी रोबोट के शरीर के हिस्सो को छूने में कितने तत्पर थेI शोधकर्ता असल में यह जानना चाह रहे थे कि क्या होगा जब विद्यार्थियों का हाथ रोबोट के जननांग को छूने बढेगा। निस्संदेह प्रयोगशाला में रखे एक प्लास्टिक के खिलौने को छूना कामुक तो नहीं होगा?
असली जैसा?
संवेदक के ज़रिये जल्द ही सच सामने आ गयाI जब भी रोबोट ने सहभागियों को उनके जननांग छूने को कहा तो उनकी त्वचा में प्रवाहकत्त्व बढ़ गया था, कहने का तात्पर्य यह कि वो उत्तेजित हो रहे थेI और तो और उन्हें यह करते हुए शर्म भी महसूस हो रही थी- रोबोट के जननांगो को छूने से पहले उनके अंदर की झिझक साफ़ झलक रही थीI लेकिन जब विद्यार्थियों ने रोबोट के पैर और हाथों को छुआ तो संवेदक में कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुईI
तो एक प्लास्टिक के खिलौने के जननांग छूने में क्या कामुक हो सकता है? यह बात सही है कि प्रयोग में इस्तेमाल रोबोट को मानव नहीं कहा जा सकता लेकिन उसकी बनावट बिलकुल एक मानव की तरह ही थी और उसके शरीर की हरकतें भी मानवीय ही थीI तो आपको ऐसा ही प्रतीत होता था कि आप एक जीते जागते शरीर को छू रहे हैं और इसलिए जब कोई उसे छू रहा था तो उसके शरीर के अंदर हो रही संवेदना भी इसी एहसास को और मज़बूत बनाती थीI
रोबो रोमांस
एक रोबोट के शरीर के उन हिस्सों को छूने से जिन्हें मनुष्यों में जननांग कहा जाता है, आप कामोत्तेजक महसूस कर सकते हैं और साथ-साथ अजीब भीI हाँ अगर रोबोट की जगह किसी रोमांटिक अवतार ले ले- रोबोटिक की दुनिया में ऐसा बिलकुल मुमकिन है- तो शायद आप के अंदर भी काम वासना उबाल मारेगी!
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